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भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई बेहतरीन टेस्ट क्रिकेटर हुए हैं जिन्होंने अपने खेल और अनुभव के जरिए भारतीय टीम को कई मुकाम दिलाए हैं। हालांकि इन खिलाड़ियों में से कुछ ऐसे खिलाड़ी हुए जिन्हें विदाई टेस्ट मैच यानी मैदान से क्रिकेट को अलविदा कहने का मौका नहीं मिला। जिसकी वजह से उन्होंने अचानक से संन्यास की घोषणा कर दी।

1-वीरेंद्र सहवाग

भारत के इस खिलाड़ी को अपने समय में टीम का सबसे विस्फोटक बल्लेबाज कहा जाता था। वीरेंद्र सहवाग के सामने आते ही गेंदबाजों की लय और गति दोनों बिगड़ जाती थी। सहवाग भारत के एकमात्र ऐसे टेस्ट क्रिकेटर हैं जिन्होंने अपने करियर में दो बार तिहरा शतक बनाया है। इसके बावजूद उन्हें अपने करियर का विदाई टेस्ट मैच खेलने का मौका नहीं मिला। सहवाग ने मार्च 2013 में हैदराबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना अंतिम टेस्ट मैच खेला और 2015 में अपने जन्मदिन के मौके पर क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी थी। सहवाग ने अपने करियर में 104 टेस्ट मैच खेलते हुए 23 शतक और 32 अर्द्धशतक के साथ 8586 रन बनाए।

2-वीवीएस लक्ष्मण

कलाई के जादूगर के नाम से मशहूर वीवीएस लक्ष्मण को भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक माना जाता था। लक्ष्मण ने भारतीय क्रिकेट टीम को कई बार संकट से उबारा है और मैच जिताऊ पारियां खेली। फिर भी इन्हें अपने करियर का विदाई टेस्ट खेलने का मौका ही नहीं मिला। लक्ष्मण ने अपना अंतिम टेस्ट जनवरी 2012 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। जिसके कुछ माह बाद ही उन्होंने अचानक से अपने संन्यास की घोषणा कर दी थी। बताते चलें कि लक्ष्मण ने अपने करियर में 134 टेस्ट मैच खेलते हुए 8781 रन बनाए हैं, जिसमें 17 शतक और 56 अर्द्धशतक शामिल हैं।

3-राहुल द्रविड़

दीवार के नाम से लोकप्रिय राहुल द्रविड़ को आउट करना गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द माना जाता था। लेकिन इन्हें भी करियर के अंतिम दिनों में शानदार विदाई नहीं मिल सकी। राहुल द्रविड़ ने अपना अंतिम टेस्ट मैच जनवरी 2012 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था जिसके बाद उन्होंने मार्च 2012 में ही क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर सभी को हैरान कर दिया था। द्रविड़ ने अपने करियर में 164 टेस्ट मैचों में 52.31 की औसत से 13288 रन बनाए जिनमें 36 शतक और 63 अर्द्धशतक शामिल रहे।

4-जहीर खान

साल 2011 का क्रिकेट विश्वकप जीताने में भारतीय गेंदबाज जहीर खान की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। जहीर ने शानदार प्रदर्शन किया और कई मौकों पर भारतीय टीम को जीत दिलाई। हालांकि जहीर भी अपने करियर का विदाई टेस्ट मैच नहीं खेल पाए थे। जहीर खान ने फरवरी 2014 में वेलिंगटन में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना अंतिम टेस्ट मैच खेला था, जिसके बाद उन्होंने 15 अक्टूबर 2015 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। अपने करियर में 92 टेस्ट मैचों में उन्होंने 32.95 की औसत से 311 विकेट लेने के साथ ही 1230 रनों का योगदान भी दिया।

5-मोहम्मद अजहरुद्दीन

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को भी अपना विदाई टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला था। इन्हें अपने समय में टीम के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक माना जाता था। अजहर ने मार्च 2000 में बेंगलौर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना अंतिम टेस्ट मैच खेला था। बताते चलें कि अजहर ने अपने करियर में 99 टेस्ट मैचों में 45.08 की औसत से 22 शतक और 21 अर्द्धशतक के साथ 6216 रन बनाए।