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आप सभी को बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। भारत में कोविड-19 संक्रमित मरीज की संख्या 1000 से ज्यादा हो गई है जिसमें लगभग 21 लोगों की जान जा चुकी है।

क्यूंकि 25 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 दिन के सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा के 5वें दिन के बाद भी हालात नियंत्रित नहीं हो रहे हैं। इसलिए बदल सकते हैं नए नियम लॉक डाउन के लिए लंबा समय लग सकता है।

बदल सकते हैं नियम-

लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन अगर ऐसे ही होता रहा तो कर्फ्यू की नौबत आ सकती है। या सरकार लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर मुकदमा या जुर्माना जैसी यातनाएं लागू कर सकती है। लंदन का पालन ना करने वाले लोगों पर सरकार को सख्ती बरतने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने *मन की बात' में लोगों को यह हिदायत दी है कि लॉकडाउन का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।

1) सबसे पहला उदाहरण पटना, बिहार-

जनता कर्फ्यू के दौरान ही लॉकडाउन की धज्जियां बिहार के पटना बस स्टेशन पर उड़ी। बिहार के लोग बेखौफ बसों पर चढ़कर खुले आम यात्रा कर रहे हैं।

2) दूसरा उदाहरण दिल्ली-

आप सभी देख रहे हैं कि राजधानी स्थित बस स्टैण्ड पर लोग लॉकडाउन के चलते घरों को जाने के लिए भेड़-बकरी की तरह बसों के इंतजार में बस स्टैण्ड पर लाखों की तादात में खड़े हैं। इस बात की कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार के नियमों में ढिलाई की आलोचना की। यहां तो खुले आम सोशल डिस्टेंसिंग का मज़ाक उड़ रहा है।