इस वजह से मनाया जाता है भाई दूज का ये पवित्र त्योहार Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

इंटरनेट डेस्क: हमारी हिंदू संस्कृति मे हर त्योहार का अपना एक अलग ही महत्व है ऐसा ही कुछ पाचं दिवसीय दिवाली के त्योहार मे भाई दूज के त्योहार को लेकर भी है भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के दर्शाता है आज 9 नवंबर को यह त्योहार पूरें भारत वर्ष मे मनाया जा रहा है हम हर साल इस त्योहार को मनाते है लेकिन क्या आप जानने की कोशिश की है आखिर यह पर्व क्यों मनाया जाता है अगर नही तो आप इस बात को अवश्य जान लेंवे।


दरअसल हमारी हिंदू संस्कृति मे हर त्योहार को सेलिब्रेट की एक अलग ही वजह है ऐसा कुछ भाई दूज को सेलिब्रेट करने को लेकर यह कहानियां प्रचलित है...  

Old Post Image

शास्त्रों के अनुसार सूर्य की संज्ञा से दो संतानें थीं एक पुत्र यमराज और दूसरी पुत्री यमुना। संज्ञा सूर्य का तेज सहन न कर पाने के कारण अपनी छायामूर्ति का निर्माण कर उसे ही अपने पुत्र-पुत्री को सौंपकर वहां से चली गई। छाया को यम और यमुना से किसी प्रकार का लगाव न था, लेकिन यम और यमुना में बहुत प्रेम था। यमराज अपनी बहन यमुना से बहुत प्यार करते थे, लेकिन ज्यादा काम होने के कारण अपनी बहन से मिलने नहीं जा पाते। एक दिन यम अपनी बहन की नाराजगी को दूर करने के लिए मिलने चले गए। यमुना अपने भाई को देख खुश हो गईं। भाई के लिए खाना बनाया और आदर सत्कार किया।

आरआईएमएस ने स्‍टाफ नर्स पदों पर निकाली वैकेंसी, जल्‍दी करें अप्‍लाई

Old Post Image

इस बात से यमराज बेहद खुश हुए जिसको लेकर उन्होने यमुना को बहुत सारी भेंट भी दी जब वह बहन यमुना के यहां से विदा होने लगे तो उन्होने बहन यमुना को कोई इच्छा का वरदान मांगने के लिए कहा
उनके इस आग्रह को सुन यमुना ने कहा की मुझें अगर कोई वरदान देना चाहते है तो आज के दिन हर साल आप मेरे यहां आएं और मेरा आतिथ्य स्वीकार करें कहा जाता है इसी के बाद हर साल भाईदूज के त्योहार को मनाने की परम्परा शुरु हुई जो भाई बहन के पवित्र रिश्तें को दर्शाता है और पूरे भाईचारें और प्रेम के साथ इस त्योहार को मनाया जाता है। 

दिवाली की रात दिखें ये जानवर तो मान लें होनी वाली है...

 

 

 

 

 

  Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures