करवा चौथ में मेहंदी की जगह हाथों पर लगाएं बंगाली आलता, दिखेंगी लाखों में एक Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

लाइफस्टाइल डेस्क: हिंदु धर्म में आलता का खास महत्‍व है महिलाएं अक्‍सर शुभ कार्यों, त्‍योहारों के समय में पैरों में आलता लगाती हैं। लेकिन क्या आपको पता है आलता सिर्फ पैरो में नहीं हाथों में भी लगते है। हर तीज-त्‍योहार पर पैरों के साथ साथ हाथों की शोभा बढ़ाता है। बंगाल, उड़ीसा, बिहार आदि राज्यों में इसे खासतौर पर लगाया जाता है।

आलता को सुहाग की निशानी माना जाता है। क्‍या आप जानते हैं कि ये आलता, मेहंदी की जगह पैरो और हाथो में लगा सकते है। बहुत जल्द करवा चौथ का त्‍योहार आने वाला है क्यों न इस त्‍योहार मेहँदी की जगह आप अपने हाथो में लगायें आलता सबकी नज़रे होगी बस आप पर।

आलता की रस्म जो की दुल्हन के गृह प्रवेश के दौरान की जाती है। इस रस्म में दुल्हन को अपने पैरों में कुमकुम लगाकर घर में प्रवेश करना होता है और उस कुमकुम की छाप घर के आंगन में छप जाती है। गृहप्रवेश की रस्म में ये सबसे महत्वपूर्ण रस्म मानी जाती है।

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