अभिनेता आलोकनाथ को बलात्कार मामले में मिली जमानत Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

एंटरटेनमेंट डेस्क। बलात्कार मामले में अभिनेता आलोकनाथ को एक सत्र अदालत ने गिरफ्तारी से पहले जमानत दे दी है। उन्हें पटकथा लेखक विनता नंदा की शिकायत के आधार पर आरोपी बनाया गया था। लेकिन अदालत ने कहा कि आलोकनाथ के खिलाफ बलात्कार का मामला शिकायतकर्ता नंदा की अपमानजनक और झूठी रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया गया।


अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस.एस. ओझा ने पांच लाख रुपये के सुरक्षा मुचलके पर आलोकनाथ को गिरफ्तारी से पहले जमानत दी। उन्होंने कहा, पटकथा लेखक ने निजी दुश्मनी के कारण बदला लेने के लिए बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई। अदालत ने यह फैसला बीते हफ्ते सुनाया था, जिसे मंगलवार को अपलोड किया गया।

आदेश में न्यायाधीश ने कहा, शिकायतकर्ता की अपमानजनक, झूठी, दुर्भावनापूर्ण और काल्पनिक रिपोर्ट के आधार पर अभिनेता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। यह आलोकनाथ के प्रति शिकायतकर्ता के निजी प्रतिशोध से प्रेरित है। उसके आरोप शायद आलोकनाथ के लिए उसके एकतरफा प्रेम से प्रेरित थे।

अदालत ने पाया कि आलोकनाथ की पत्नी आशु और नंदा की कॉलेज के दिनों से ही मित्रता थी। मुंबई में एक टेलीविजन धारावाहिक की प्रोडक्शन इकाई के साथ काम करने के दौरान उनकी मुलाकात आलोकनाथ से हुई और तीनों मित्र बन गए। आलोकनाथ ने 1987 में आशु को शादी का प्रस्ताव दिया और दोनों ने शादी कर ली। ऐसे में नंदा को लगा कि वह अकेली रह गई क्योंकि उसने अपनी प्रिय मित्र को खो दिया था।

अदालत ने कहा, शिकायतकर्ता को पूरी घटना याद है, लेकिन तारीख और महीना याद नहीं है। तमाम तथ्यों को देखते हुए यह संभावना खारिज नहीं की जा सकती कि अभिनेता को झूठे अपराध में फंसाया गया।

बॉलीवुड में चली ‘मी टू’ लहर के दौरान पिछले साल 8 अक्तूबर को पटकथा लेखक विनता नंदा ने फेसबुक पोस्ट में आलोकनाथ का नाम लिए बिना अपने अनुभव साझा किए थे। फिर नंदा ने नवंबर में मुंबई के ओशिवारा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई कि आलोकनाथ ने 1998 में उनसे बलात्कार किया था। Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures