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गुजरे जमाने की अभिनेत्री निम्मी का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. आगरा में नवाब बानो के नाम से जन्मी निम्मी ने यूं तो अनेक कामयाब फिल्मों में कार्य किया था. किन्तु एक गलती की वजह से उनका पूरा करियर ही बर्बाद हो गया. ये किस्सा वर्ष 1963 की फिल्म 'मेरे महबूब' से जुड़ा हुआ है. कहा जाता है कि इस फिल्म हेतु उन्होंने मुख्य किरदार के बजाय सेकंड लीड रोल चुना था तथा उनका यही निर्णय उनके करियर के लिए अभिशाप बन गया.

ये है पूरा कहानी

'मेरे मेहबूब' के निर्देशक हरमन सिंह रवैल ने निम्मी को फिल्म में मुख्य किरदार ऑफर किया, किन्तु वो फिल्म में राजेंद्र कुमार की बहन का रोल निभाने पर अड़ गईं, जो कि उस फिल्म में सेकंड लीड रोल था. निर्देशक के अनेक दफा समझाने के पश्चात भी वो नहीं मानीं. इसके पश्चात फिल्म में उनकी जगह साधना को बतौर मुख्य अभिनेत्री लिया गया तथा उनको उनके पसंद के अनुरूप सेकंड लीड में रखा गया. फिल्म सुपरहिट रही तथा साधना का करियर चल पड़ा. वहीं इस फिल्म के पश्चात निम्मी को लीड रोल मिलना कम हो गया एवं धीरे-धीरे उनका करियर ही समाप्त हो गया.

ऐसे राज कपूर की निगाह में आईं थी ये अभिनेत्री

निम्मी को उनका पहला ब्रेक राज कपूर ने अपनी फिल्म 'बरसात' से दिया था. हुआ यूं था कि महबूब खान निम्मी की माँ के परिचित थे. दोनों ने फिल्मों में साथ कार्य किया था. इसी कनेक्शन की वजह से उन्होंने निम्मी को अपनी फिल्म 'अदाज' की शूटिंग देखने हेतु सेंट्रल स्टूडियो में बुलाया. राज कपूर इस फिल्म के हीरो थे तथा अपनी फिल्म 'बरसात' के लिए एक नए चेहरे की तलाश कर रहे थे. सेट पर जब निम्मी से उनकी मुलाकात हुई तो उन्होंने उनको फिल्म 'बरसात' में रोल का ऑफर कर दिया. चूंकि निम्मी की रुचि भी फिल्मों में थी, अतः उन्होंने इस सुनहरे अवसर को हाथ से नहीं जाने दिया. उन्हें फिल्म की सेकंड मुख्य अभिनेत्री के तौर पर प्रेमनाथ के अपोजिट कास्ट किया गया था.

इंकार कर दिया था हॉलीवुड से मिला ऑफर

वर्ष 1952 में रिलीज़ हुई फिल्म 'आन' न केवल पहली फुल टेक्नीकलर फिल्म थी, बल्कि वर्ल्डवाइड प्रदर्शित होने वाली प्रथम भारतीय फिल्म भी थी. लंदन में इस फिल्म के प्रीमियर के पश्चात उन्हें हॉलीवुड में कार्य करने का ऑफर प्राप्त हुआ था, किन्तु उन्होंने ये ऑफर ठुकरा दिया. इसकी वजह मात्र इतनी थी कि उन्हें इंटिमेट सीन तथा चुंबन दृश्यों से बेहद डर लगता था.